संत रविदास कौन थे? | Who Was Sant Ravidas?
Sant Ravidas (भक्त रविदास) भारत के महान संत, समाज सुधारक और भक्ति आंदोलन के प्रमुख कवि थे। उनका जन्म 1377 ई. में उत्तर प्रदेश के Seer Govardhanpur में हुआ था। साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद, उनकी वाणी और विचारों ने समाज को नई दिशा दी।
जीवन परिचय | Life Introduction :-
संत रविदास ने जाति-भेद और सामाजिक असमानता का विरोध किया। उनका मानना था कि मनुष्य की पहचान जन्म से नहीं, बल्कि कर्म और आचरण से होती है। उन्होंने समानता, दया और मानव गरिमा का संदेश दिया।
भक्ति और दर्शन | Devotion and Philosophy :-
उनकी भक्ति प्रेम और सत्य पर आधारित थी। वे ईश्वर-भक्ति को आडंबर नहीं, बल्कि शुद्ध मन से जोड़ते थे—“मन चंगा तो कठौती में गंगा” उनका प्रसिद्ध संदेश है।
काव्य और साहित्य | Poetry and Literature :-
संत रविदास एक महान कवि थे। उनकी रचनाएँ आध्यात्मिक अनुभूति से भरी हैं और गुरु ग्रंथ साहिब में भी सम्मिलित हैं। उनकी भाषा सरल, प्रभावशाली और जन-जन तक पहुँचने वाली थी।
मीरा बाई से संबंध | Association with Meera Bai :-
भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त Meera Bai संत रविदास को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं। यह संबंध भक्ति आंदोलन में उनके प्रभाव को दर्शाता है।
शिक्षाएँ और संदेश | Teachings and Message :-
- समानता और भाईचारा
- सत्य और सेवा का मार्ग
- प्रेम को सर्वोच्च धर्म मानना
- कर्म को जीवन की असली पहचान बनाना
विरासत और प्रभाव | Legacy and Impact :-
संत रविदास की शिक्षाएँ आज भी प्रासंगिक हैं। उनकी विरासत सामाजिक समरसता, मानवता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करती है। इसी कारण उनकी जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है।
गुरु रविदास जयंती उत्तर भारत में विशेष रूप से मनाई जाती है और पंजाब में इसका विशेष महत्व है। यह पावन दिन Guru Ravidas जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें भक्त रविदास भी कहा जाता है।
गुरु रविदास जी ने समानता, मानव गरिमा और भाईचारे का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएँ आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं।
Guru Ravidas Jayanti 2026: Date and Time | गुरु रविदास जयंती 2026: तिथि और समय :-
- हिंदू पंचांग के अनुसार:
- तिथि: रविवार, 1 फरवरी 2026
- अवसर: माघ पूर्णिमा
- जयंती: 648वीं गुरु रविदास जयंती
👉 माघ मास की पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को होने के कारण गुरु रविदास जयंती इसी दिन मनाई जाएगी।
(पूर्णिमा का समय स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।)
Guru Ravidas Jayanti 2026: History | गुरु रविदास जयंती 2026: इतिहास :-
गुरु रविदास जी का जन्म 1377 ईस्वी में उत्तर प्रदेश के Seer Govardhanpur में हुआ था। उन्हें रैदास, रोहिदास और रुहिदास के नाम से भी जाना जाता है।
साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद, उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समानता, सामाजिक न्याय और मानव अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उनके पद गुरु ग्रंथ साहिब में सम्मिलित हैं।
वे भगवान कृष्ण के भक्त थे और मीरा बाई उन्हें अपना गुरु मानती थीं।
Guru Ravidas Jayanti 2026: Significance | गुरु रविदास जयंती 2026: महत्व :-
इस दिन गुरबाणी का गायन, विशेष प्रार्थनाएँ और नगर कीर्तन आयोजित किए जाते हैं।
Shri Guru Ravidass Janam Asthan Mandir में भव्य आयोजन होता है।
देश-भर से श्रद्धालु गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को स्मरण करते हैं और पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।
Guru Ravidas Jayanti 2026: Quotes & Doha | गुरु रविदास जयंती 2026: अनमोल सुविचार और दोहा :-
मन चंगा तो कठौती में गंगा।
अर्थ:
यदि मन पवित्र है, तो किसी तीर्थ की आवश्यकता नहीं। शुद्ध मन में ही ईश्वर का वास होता है।
ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिलै सबन को अन्न।
छोट-बड़ो सब सम बसै, रविदास रहै प्रसन्न॥
अर्थ:
संत रविदास ऐसे समाज की कल्पना करते हैं जहाँ सबको भोजन मिले और कोई ऊँच-नीच न हो।
रविदास जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच।
नर कूँ नीच करि डारि है, ओछे करम की कीच॥
अर्थ:
मनुष्य जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से नीच या महान बनता है।
कहै रविदास सुनो रे संतहु, साधु की यही पहचान।
परहित करै पर पीर न धरै, यही साधु का ज्ञान॥
अर्थ:
सच्चा साधु वह है जो दूसरों का भला करे और अपने दुःख का दिखावा न करे।
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी,
जाकी अंग-अंग बास समानी॥
अर्थ:
ईश्वर की भक्ति से भक्त का जीवन भी चंदन की तरह सुगंधित हो जाता है।
रविदास भगति जो करै, जात-पात तजि देइ।
हरि को भजै मन शुद्ध करि, सोई संत कहेइ॥
अर्थ:
जो जात-पात छोड़कर शुद्ध मन से भक्ति करता है, वही सच्चा संत है।
नाम बिना सब सूना है, चाहे घर हो राज।
रविदास कहै नाम बिन, मिटै न मन की प्यास॥
अर्थ:
ईश्वर के नाम के बिना जीवन अधूरा है, चाहे कितना भी वैभव क्यों न हो।
साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।
रविदास कहै साँच से, मिटे सकल संताप॥
अर्थ:
सत्य सबसे बड़ा तप है और झूठ सबसे बड़ा पाप।
सेवा करै जो दीन की, ताको पूजै देव।
रविदास कहै साँच है, सेवा सबसे मेव॥
अर्थ:
गरीब और जरूरतमंद की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
Guru Ravidas Jayanti Shayari In Hindi | गुरु रविदास जयंती पर शायरी हिंदी में
मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।
रविदास कहै समझ ले, मन ही सबकी रीत॥
अर्थ:
जीत और हार का कारण मन ही होता है।
जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान।
मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥
अर्थ:
मनुष्य की पहचान उसकी जाति से नहीं, उसके ज्ञान और कर्म से होती है।
दया धरम का मूल है, पाप मूल अभिमान।
रविदास कहै जो दयालु, सोई सच्चा इंसान॥
अर्थ:
दया धर्म की जड़ है और अहंकार पाप की जड़।
लोभ-मोह तजि भज हरि, साँच पकड़ मन मीत।
रविदास कहै जो त्यागी, सोई सच्चा प्रीत॥
अर्थ:
लोभ और मोह छोड़कर ईश्वर की भक्ति ही सच्चा प्रेम है।
हरि सुमिरन से घट भरे, मिटे सकल अज्ञान।
रविदास कहै हरि भजै, सो पावै कल्याण॥
अर्थ:
ईश्वर स्मरण से अज्ञान दूर होता है और कल्याण मिलता है।
झूठे सुख को छोड़ दे, साँच सुमिर मन माहिं।
रविदास कहै सोई धन, जो हरि नाम समाहिं॥
अर्थ:
सच्चा धन ईश्वर का नाम है, भौतिक सुख नहीं।
हरि बिन कौन सहाई है, दुख सागर संसार।
रविदास कहै हरि भजै, उतरै भव पार॥
अर्थ:
ईश्वर के बिना संसार दुःखमय है, भक्ति से ही मुक्ति मिलती है।
Guru Ravidas Jayanti 2026: Celebrations, Wishes, Message & Poster| गुरु रविदास जयंती 2026: आयोजन और हार्दिक शुभकामनाएं संदेश:-
संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर आपके जीवन में प्रेम और समता का प्रकाश फैले। उनकी वाणी हमें भेदभाव से ऊपर उठना सिखाती है। सेवा और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिले। आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ।
संत रविदास जी का जीवन मानवता की मिसाल है। उनकी शिक्षाएँ समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। इस जयंती पर हम सब समानता का संकल्प लें। प्रेम और करुणा को अपनाएँ। रविदास जयंती की बधाई।
रविदास जयंती हमें आत्मशुद्धि का मार्ग दिखाती है। जहाँ मन पवित्र हो, वहीं ईश्वर का वास होता है। उनकी सीख आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। मानवता को धर्म बनाएँ। हार्दिक शुभकामनाएँ।
संत रविदास जी की वाणी हर युग के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कर्म और भक्ति को समान महत्व दिया। इस पावन दिन समाज में समरसता बढ़े। हर व्यक्ति को सम्मान मिले। सादर नमन।
आज का दिन प्रेम और सच्चाई का संदेश देता है। संत रविदास जी के विचार जीवन को सरल बनाते हैं। भेदभाव छोड़कर इंसानियत को अपनाएँ। यही सच्ची श्रद्धांजलि है। रविदास जयंती की शुभकामनाएँ।
संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर आपके जीवन में प्रेम, करुणा और समता का प्रकाश फैले। संत रविदास जी की वाणी हमें मानवता का सही अर्थ समझाती है। उनकी शिक्षाएँ समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। इस शुभ दिन पर सेवा और सच्चाई को अपनाने का संकल्प लें। हार्दिक शुभकामनाएँ।
संत रविदास जी का जीवन संघर्ष, भक्ति और समानता की मिसाल है। उन्होंने कर्म को ही सच्चा धर्म बताया। इस जयंती पर हम सभी भेदभाव से ऊपर उठकर इंसानियत को अपनाएँ। समाज में प्रेम और सौहार्द बना रहे। रविदास जयंती की हार्दिक बधाई।
रविदास जयंती हमें आत्मचिंतन का अवसर देती है। जहाँ मन पवित्र होता है, वहीं ईश्वर का वास होता है। संत रविदास जी की शिक्षाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। इस पावन दिन मानवता को अपना सबसे बड़ा धर्म बनाएँ। सादर नमन।
संत रविदास जी की वाणी ने समाज को नई दिशा दी। उन्होंने समानता और न्याय का संदेश दिया। इस जयंती पर हर दिल में करुणा का भाव जागे। प्रेम और सच्चाई से भरा समाज बने। आपको और आपके परिवार को शुभकामनाएँ।
आज का दिन हमें याद दिलाता है कि सच्ची भक्ति सेवा में है। संत रविदास जी के विचार जीवन को सरल और सार्थक बनाते हैं। इस पावन अवसर पर हम सब समता का संकल्प लें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। रविदास जयंती की बधाई।
इस पावन अवसर पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं और श्री गुरु रविदास जन्म स्थान मंदिर में भव्य समारोह आयोजित किया जाता है, जो गुरु रविदास जी के अनुयायियों का प्रमुख तीर्थ स्थल है।

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